Sanskrit slokas with hindi meaning free download. Sanskrit Shloks: Sanskrit Quotes, Thoughts & Slokas with Meaning in Hindi 2019-06-04

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Popular Slokas

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. Sanskrit shlokas with meaning in hindi for students:- संस्कृत भाषा विश्व की सबसे पुरानी भाषा है हिन्दू धर्म में इसे देव भाषा बोला जाता है The Meaning is, देवताओं ने सज्जन पुरुष , मनुष्य के लिए एक असाधारण जीवन जीने के लिए जो सूत्र दिए वो इसी भाषा में दिए ये संस्कृत सबके लिए हैं, चाहे वो स्टूडेंट्स हो, kids बच्चा हो, गुरु हो जीवन में इन सूत्रों को अपना कर हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं दोस्तों, आईये जानते हैं, कुछ ज्ञान वर्धक sanskrit shlokas with meaning in hindi in detail. What does Mantra mean in Sanskrit? इसलिए खर्च करने से बढ़ने वाला विद्या रूपी धन, सभी धनों से श्रेष्ठ है शतेषु जायते शूरः सहस्रेषु च पण्डितः! यह मन चंचल और प्रमथन स्वभाव का तथा बलवान् और दृढ़ है ; उसका निग्रह वश में करना मैं वायु के समान अति दुष्कर मानता हूँ ——— श्लोक 14 : श्री भगवानुवाच असंशयं महाबाहो मनो दुर्निग्रहं चलम् अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्येते अर्थात् : श्री भगवान् बोले हे महाबाहो! ठीक उसी तरह जैसे शरीर के किसी अंग में कोई बीमारी हो जाए, तो वह हमें तकलीफ पहुँचाने लगती है. . I believe this a big problem with many other Krishna devotees. . पहला, वह व्यक्ति जो अमीर होते हुए दान न करता हो.

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. धन हीं इस संसार में व्यक्ति का मित्र होता है. The Hindu philosophy behind this is the premise that before existence and beyond existence is only One reality, Brahma, and the first manifestation of Brahma expressed as Om. Greed can damage him like grass in a matter of moments. जबकि एक मध्यम कोटि का व्यक्ति धन और मान दोनों की इच्छा रखता है. अर्थार्थ:- वह व्यक्ति जो अलग अलग जगहों या देशो में घूमकर पंडितों विद्वानों की सेवा करता है, उसकी बुद्धि का विस्तार विकास उसी प्रकार होता है, जैसे तेल की बूंद पानी में गिरने के बाद फ़ैल जाती है श्रोत्रं श्रुतेनैव न कुंडलेन, दानेन पाणिर्न तु कंकणेन , विभाति कायः करुणापराणां, परोपकारैर्न तु चन्दनेन अर्थार्थ:- कुंडल पहन लेने से कानों की शोभा नहीं बढ़ती, अपितु ज्ञान की बातें सुनने से होती है हाथ, कंगन धारण करने से सुन्दर नहीं होते, उनकी शोभा दान करने से बढ़ती हैं सज्जनों का शरीर भी चन्दन से नहीं अपितु परहित में किये गये कार्यों से शोभायमान होता हैं। यथा ह्येकेन चक्रेण न रथस्य गतिर्भवेत् एवं परुषकारेण विना दैवं न सिद्ध्यति अर्थार्थ:- जैसे एक पहिये से रथ नहीं चल सकता है उसी प्रकार बिना पुरुषार्थ के भाग्य सिद्ध नहीं हो सकता है परो अपि हितवान् बन्धुः बन्धुः अपि अहितः परः! वहाँ लक्ष्मी खुद आ जाती है.

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It is not easy to seek a spiritual master, let alone recognize a genuine one. Class 9th, 10th and if you are preparing for any competitive exams this book is going to be very helpful for you because in this sanskrit pdf all the basic concepts of Sanskrit have been interpreted in a very good way, so that you will understand all the topics mentioned in this pdf. . फिर वही सभी लोग उसी व्यक्ति के पास वापस आ जाते हैं, जब वह व्यक्ति धनवान हो जाता है. . Thus, redemptive spiritual mantras opened the door for mantras where every part need not have literal meaning, but together their resonance and musical quality assisted the transcendental spiritual process.

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The Bhagavad Gita in Audio (Sanskrit)

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. I salute such a Guru. Rajni Sadana for sharing these 14 Sanskrit Slokas with Hindi meaning in the beginning of 2014. When should one give up fruitive activities and turn to transcendental service to the Lord? The function of mantras, in these cases, was to cope with the human condition as a whole. Hindi Translation: लोगों के बीच जो कुछ भी देखा जाता है चाहे सुख या दर्द कर्म से पैदा होता है। सभी प्राणी अपने पिछले कर्मों के अनुसार आनंद लेते हैं या पीड़ित होते हैं। अपि मेरुसमं प्राज्ञमपि शुरमपि स्थिरम् । तृणीकरोति तृष्णैका निमेषेण नरोत्तमम् ॥ Transliteration: api merusamaṃ prājñamapi śuramapi sthiram । tṛṇīkaroti tṛṣṇaikā nimeṣeṇa narottamam ॥ English Translation: Even if a man has stead, clever, brave mind like the Meru mountain. Mantras come in many forms, including ṛc verses from the Rigveda for example and sāman musical chants from the Samaveda for example.

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Vidur Niti Slokas

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प्रेरकः सूचकश्वैव वाचको दर्शकस्तथा । शिक्षको बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः ॥ भावार्थ:- प्रेरणा देने वाले, सूचना देने वाले, सत्य बताने वाले, मार्गदर्शन करने वाले, शिक्षा देनेवाले, और बोध कराने वाले —ये सब गुरु समान है। English:- The guru is the one who inspire, inform, tell truth, guide, educate and help in self realization. शरीरं चैव वाचं च बुद्धिन्द्रिय मनांसि च । नियम्य प्राञ्जलिः तिष्ठेत् वीक्षमाणो गुरोर्मुखम् ॥ अर्थ:- शरीर body , वाणी voice , बुद्धि wisdom , इंद्रिय sense और मन Mind को संयम में रखकर, हाथ जोडकर गुरु के सन्मुख देखना चाहिए। English Meaning:- One should stand with folded hand infront of guru and must have control over body, voice, wisdom, senses and mind. अर्थार्थ:- सौ लोगो में एक शूरवीर होता है, हजार लोगो में एक विद्वान होता है, दस हजार लोगो में एक अच्छा वक्ता होता है वही लाखो में बस एक ही दानी होता है गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ अर्थार्थ:- गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं, गुरु ही शंकर है, गुरु ही साक्षात परमब्रह्म हैं, ऐसे गुरु का मैं नमन करता हूँ। विद्वत्वं च नृपत्वं च नैव तुल्यं कदाचन! In these cases, the function of mantras was to be an instrument of ritual efficacy for the priest, and an instrument of instruction for ritual act for others. . The site is designed for the audio files to be downloaded and not for listening online.

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Full Sanskrit Grammar in Hindi Language PDF Download

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ठीक उसी तरह जैसे शरीर के किसी अंग में कोई बीमारी हो जाए, तो वह हमें तकलीफ पहुंचाती है, जबकि जंगल में उगी हुई औषधी हमारे लिए लाभकारी होती है पुस्तकस्था तु या विद्या,परहस्तगतं च धनम् । कार्यकाले समुत्तपन्ने न सा विद्या न तद् धनम् ।। अर्थार्थ:- पुस्तक में रखी विद्या तथा दूसरे के हाथ में गया धन, ये दोनों ही ज़रूरत के समय हमारे किसी भी काम नहीं आया करते विद्या मित्रं प्रवासेषु,भार्या मित्रं गृहेषु च व्याधितस्यौषधं मित्रं, धर्मो मित्रं मृतस्य च अर्थार्थ:- विदेश में ज्ञान, घर में अच्छे स्वभाव और गुणस्वरूपा पत्नी, औषध रोगी का ,तथा धर्म मृतक का सबसे बड़ा मित्र होता है सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम् वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव संपदः अर्थार्थ:- अचानक आवेश जोश में आ कर बिना सोचे समझे कोई कार्य नहीं करना चाहिए क्योंकि विवेक हीनता सबसे बड़ी विपत्तियों का कारण होती है इसके विपरीत जो व्यक्ति सोच समझकर कार्य करता है, गुणों से आकृष्ट होने वाली माँ लक्ष्मी स्वयं ही उसका चुनाव कर लेती है येषां न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः! इसलिए खर्च करने से बढ़ने वाला विद्या रूपी धन, सभी धनों से श्रेष्ठ है. स्वदेशे पूज्यते राजा विद्वान् सर्वत्र पूज्यते!! काम पूरा होने के बाद लोग दूसरे व्यक्ति को भूल जाते हैं ठीक उसी तरह जैसे, नदी पार करने के बाद नाव का कोई उपयोग नहीं रह जाता है. अर्थार्थ:- एक विद्वान और राजा की कभी कोई तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि राजा तो केवल अपने राज्य में सम्मान पाता है वही एक विद्वान हर जगह सम्मान पाता है अग्निना सिच्यमानोऽपि वृक्षो वृद्धिं न चाप्नुयात् । तथा सत्यं विना धर्मः पुष्टिं नायाति कर्हिचित् ॥ अर्थार्थ:- आग से सींचे गए पेड़ कभी बड़े नहीं होते, उसी प्रकार सत्य के बिना धर्म की स्थापना संभव नहीं है विद्यां ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम्! विनय फलं शुश्रूषा गुरुशुश्रूषाफलं श्रुत ज्ञानम् । ज्ञानस्य फलं विरतिः विरतिफलं चाश्रव निरोधः ॥ अर्थ:- विनय का फल सेवा है, गुरु सेवा का फल ज्ञान है, ज्ञान का फल अध्यात्म है, और विरक्ति का फल आश्रवनिरोध है। English Meaning:- The fruit of Humility is the selfless service, the fruit of service to guru is Knowledge, the fruit of knowledge is spiritualiy. मेरे हृदय में आकर बसो । स्वयं महेशः श्वशुरो नगेशः सखा धनेश स्तनयो गणेशः । तथापि भिक्षाटनमेव शम्भोः बलीयसी केवलमीश्वरेच्छा ॥ स्वयं महेश है, ससुर पर्वतश्रेष्ठ है, कुबेर जैसा धनी उनका मित्र है, और पुत्र गणों का स्वामी है । फिर भी भगवान शंकर को भिक्षा के लिए भटकना पडता है! They are typically melodic, mathematically structured meters, believed to be resonant with numinous qualities. It is claimed to purify the mind and spirit. माता शत्रुः पिता वैरी येन बालो न पाठितः! लेकिन कुछ देर के बाद वह फिर ठंडा हो जाता है.

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Free mantras and slokas: Free MP3 Vedas and Slokas

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न शोभते सभामध्ये हंसमध्ये बको यथा!! Those of us who chose Sanskrit as an optional subject in school, can relate to the drill of memorizing shlokas along with their translation. Women are adorned and appreciated for their skills and men for their industriousness and perseverance. Hindi Translation: मूर्ख के पाँच लक्षण हैं; घमंड, दुष्ट वार्तालाप, क्रोध, जिद्दी तर्क, और अन्य लोगों की राय के लिए सम्मान की कमी। निरपेक्षो निर्विकारो निर्भरः शीतलाशयः । अगाधबुद्धिरक्षुब्धो भव चिन्मात्रवासनः ॥ Transliteration: nirapekṣo nirvikāro nirbharaḥ śītalāśayaḥ । agādhabuddhirakṣubdho bhava cinmātravāsanaḥ ॥ English Translation: You are unconditioned and changeless, formless and immovable, unfathomable awareness and unperturbable, so hold on to nothing but consciousness. . In the same way Disciple without guru also does not. The Dharmasastra claims Gayatri mantra derived from Rig Veda verse 3.

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संस्कृत श्लोक Sanskrit Shlokas With Meaning in Hindi

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We have not reserved any rights for the audio files on this webpage as we feel nobody holds a right on the vEdas. But as one makes an effort to understand, it becomes clear that in just two lines, these shlokas introduce us with a deeper understanding of life. जबकि जंगल में उगी हुई औषधी हमारे लिए लाभकारी होती है. Sanskrit shlokas with meaning in Hindi प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक अर्थ सहित आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति अर्थार्थ:- मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन उसका आलस्य है परिश्रम जैसा दूसरा हमारा कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता अनादरो विलम्बश्च वै मुख्यम निष्ठुर वचनम पश्चतपश्च पञ्चापि दानस्य दूषणानि च।। अर्थार्थ:- अपमान करके दान देना, विलंब देर से देना, मुख फेर के देना, कठोर वचन बोलना और देने के बाद पश्चाताप करना ये पांच क्रियाएं दान को दूषित कर देती हैं। यस्तु सञ्चरते देशान् सेवते यस्तु पण्डितान्! Hindi Translation: घोडे की शोभा प्रशंसा उसके वेग के कारण होती है और हाथी की उसकी मदमस्त चाल से होती है नारियों की शोभा उनकी विभिन्न कार्यों मे दक्षता के कारण और पुरुषों की उनकी उद्द्योगशीलता के कारण होती है कृते प्रतिकृतं कुर्यात्ताडिते प्रतिताडितम्। करणेन च तेनैव चुम्बिते प्रतिचुम्बितम्॥ Transliteration: kṛte pratikṛtaṃ kuryāttāḍite pratitāḍitam। karaṇena ca tenaiva cumbite praticumbitam॥ English Translation: For every action, there should be a counteraction, for every blow a counterblow and by the same logic, for every kiss a counter-kiss. They included ṛc verses from Rigveda for example , sāman musical chants from the Sāmaveda for example , yajus a muttered formula from the yajurveda for example , andnigada a loudly spoken yajus.

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